16 वर्षीय किशोर का मुंबई से साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर अधिपत्य
Last Updated on:
Apr 06, 2010 07:11 PM
16 वर्षीय किशोर का मुंबई से साइबर धोखाधड़ी गिरोह पर अधिपत्य
16 वर्षीय अजय 10वीं कक्षा का छात्र है। लेकिन, साइबर स्पेस में आकर विश्व भर के हजारों लोगों के क्रेडिट कार्ड पासवर्ड तक पहुँच कर वह करोड़पति बन गया। अजय को गुरुवार को मुम्बई से पकड़ा गया और हैकिंग मामले में गुजरात पुलिस द्वारा उससे पूछताछ की गई जिससे इसके दुनिया भर में फैले होने की स्तिमित करनेवाली बात सामने आ पाई।
अजय को गुरुवार को मुम्बई से पकड़ा गया और हैकिंग मामले में गुजरात पुलिस द्वारा उससे पूछताछ की गई जिससे इसके दुनिया भर में फैले होने की स्तिमित करनेवाली बात सामने आ पाई।
मुलुंड, मुम्बई के सेंट ऐन का यह विद्यार्थी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट को हैक करने और पैसा जमा करने वाले से पैसे का भुगतान उसके अपने अकाउंट में जमा करवाने की क्षमता रखता है।
जब अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के गुप्तचर लोकप्रिय ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट की हैकिंग के मामले की छानबीन कर रही थी और शहर में तीन लड़कों को इस संबंध में बंदी बनाया गया, तो उन्होंने बताया कि वे अजय के गिरोह के सदस्य थे।
जांच में यह सामने आया कि यह नेटवर्क मुम्बई, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद तक फैला हुआ है। उसके सलाहकार अमेरिका, वियतनाम और अन्य देशों में रहते हैं।
एक टैक्सटाइल फर्म के कर्मचारी का बेटा अजय गुरुवार को अपने बंदीकरण से पहले कालूपुर के वाहिद खान, जुहापुर के शाहिद खान और हादी गोघाई को अहमदाबाद में निर्देश देता था। अजय ने उन्हें नकली अकाउंट बनाना और पैसे कमाने के लिए अन्य लोगों के क्रेडिट कार्ड अकाउंट को भेदना सिखाया था।
उच्च सुरक्षित सरकारी वेबसाइटों को हैक करने की क्षमता ने अजय को हैकिंग समुदाय में प्रवेश दिया जिन्होंने दुनिया भर के मुख्य बैंकों के क्रेडिट कार्ड कस्टमर वेरिफिकेशन वैल्यू (CVV) संख्या का बड़ा डाटाबेस उसे दिया।
अजय के साधनों/उपकरणों में उसका लैपटॉप, एक कम्युनिकेटर और एक फोन हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि अजय के पीसी में कोई डेटा नहीं है और उसने अपने ट्रैक को छिपा दिया है।
अभी तक मिले सभी सुराग शाहिद खान के लैपटॉप से मिले हैं जिसमें फोल्डर और फाइल्स हैं जिनमें इंटरनेट डोमेन के आईपी पते और पासवर्ड को तोड़ने की क्षमता है जो धोखाधड़ी, वित्तीय हेर-फेर के लिए हैक किए गए थे।
अजय खेल-खेल में ऑनलाइन धोखेबाजों के सम्पर्क में आया और जल्द ही इससे प्रभावित हो गया। उसने पुलिस को बताया कि अमेरिका, वियतनाम और अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय हैकरों के सम्पर्क में आने के बाद वह इसके काम करने का तरीका जानने के लिए एक दिन में 15 घंटे कम्प्यूटर पर बिताता था।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ''उसके पास 4000 क्रेडिट कार्ड धारकों, उनके सीवीवी नम्बर और समाप्त होने की तिथि का डेटाबेस है।''
उसने अवैध लेनदेन के लिए प्रॉक्सी सर्वर का प्रयोग कर साइबर पुलिस को मूर्ख बनाया। अधिकारी ने बताया कि "ऑनलाइन शॉपिंग से अवैध रूप से पैसा बनाने के चार महीने बाद वह अहमदाबाद में शाहिद खान और वाहिद खान के सम्पर्क में आया और उनसे धोखाधड़ी के कुछ रहस्य बांटे।"
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