केरल साइबर अपराधों से निपटने के लिए नया कानून बना रहा है
Last Updated on:
Apr 06, 2010 07:11 PM
तिरुवनंतपुरम, 6 जुलाई (IANS) केरल के गृह मंत्री कोड्डियारी बालकृष्णन् ने सोमवार को राज्य विधानसभा को बताया कि राज्य में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए एक व्यापक कानून बनाया किया जा रहा है।
'हम कानूनी विभाग के साथ एक व्यापक कानून बनाने पर काम कर रहे हैं। वर्तमान आईटी अधिनियम के पास पर्याप्त दांत नहीं है क्योंकि यह कुछ वर्ष पहले गठित किया गया था, और तब से प्रौद्योगिकी के विश्व में नाटकीय परिवर्तन हो चुका है। इसीलिये इस में संशोधन किये जाने की आवश्यकता है, ' बालकृष्णन ने कहा।
कांग्रेस नेता तिरूवंचूर राधाकृष्णन् द्वारा संचालित सतर्कता गतिविधि का उत्तर देते हुए, मंत्री ने कहा कि इस बुराई से निपटने के लिए इस दिशा में पहले कदम के रूप में एक पूर्ण साइबर पुलिस थाना यहाँ पहले से ही कार्यरत है।
इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए, राधाकृष्णन ने शैक्षिक संस्थानों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाये जाने पर बल दिया जिस से साइबर अपराध की जांच में बहुत मदद होगी।
'अब साइबर अपराधों के मूल कारण के रूप में इंटरनेट एवं मोबाइल की पहचान की गई है और पीड़ितों में अधिकांश महिलाएँ एवं लड़कियाँ हैं। एक साइबर धोखाधड़ी सूचना केंद्र खोला जाना चाहिये,' राधाकृष्णन ने कहा।
बालकृष्णन ने कहा: 'हमने पहले से ही सभी पुलिस स्टेशनों को कंप्यूटरीकृत करना एवं सी-डैक (प्रगत संगणन विकास केंद्र) की मदद से साइबर धोखाधड़ी में जांच करने के लिए पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देना शुरू भी कर दिया है।'
स्रोत: 6 जुलाई, 2009, IANS
'हम कानूनी विभाग के साथ एक व्यापक कानून बनाने पर काम कर रहे हैं। वर्तमान आईटी अधिनियम के पास पर्याप्त दांत नहीं है क्योंकि यह कुछ वर्ष पहले गठित किया गया था, और तब से प्रौद्योगिकी के विश्व में नाटकीय परिवर्तन हो चुका है। इसीलिये इस में संशोधन किये जाने की आवश्यकता है, ' बालकृष्णन ने कहा।
कांग्रेस नेता तिरूवंचूर राधाकृष्णन् द्वारा संचालित सतर्कता गतिविधि का उत्तर देते हुए, मंत्री ने कहा कि इस बुराई से निपटने के लिए इस दिशा में पहले कदम के रूप में एक पूर्ण साइबर पुलिस थाना यहाँ पहले से ही कार्यरत है।
इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए, राधाकृष्णन ने शैक्षिक संस्थानों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाये जाने पर बल दिया जिस से साइबर अपराध की जांच में बहुत मदद होगी।
'अब साइबर अपराधों के मूल कारण के रूप में इंटरनेट एवं मोबाइल की पहचान की गई है और पीड़ितों में अधिकांश महिलाएँ एवं लड़कियाँ हैं। एक साइबर धोखाधड़ी सूचना केंद्र खोला जाना चाहिये,' राधाकृष्णन ने कहा।
बालकृष्णन ने कहा: 'हमने पहले से ही सभी पुलिस स्टेशनों को कंप्यूटरीकृत करना एवं सी-डैक (प्रगत संगणन विकास केंद्र) की मदद से साइबर धोखाधड़ी में जांच करने के लिए पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देना शुरू भी कर दिया है।'
स्रोत: 6 जुलाई, 2009, IANS
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