ISA कार्यशाला इलाहाबाद
Last Updated on:
Aug 06, 2010 03:06 PM
उद्देश्य
इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय नागरिकों के बीच सूचना सुरक्षा जागरूकता उत्पन्न करना और उन्हें सुरक्षित सूचना समाज में भाग लेने के लिए सक्षम करना है, विविध यूज़र/उपयोगकर्ताओं जैसे बच्चों एवं शिक्षा संस्थानों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान - इलाहाबाद ने प्रगत संगणन केंद्र, हैदराबाद के सहयोग से, 6 सितम्बर 2008 को स्कूल के बच्चों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया था। इस कार्यशाला का विषय सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता पर 10 वीं और 12 वीं के स्कूली बच्चों के लक्ष्यीकरण के लिए था।
इसके लिये लगभग सभी सुप्रसिद्ध स्कूलों और कॉलेजों को निमंत्रण भेजा गया था जैसे: केन्द्रीय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय एएफएस AFS, आर्मी स्कूल, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर, गंगा गुरूकुलम्, बॉयज़् हाई स्कूल, कन्या हाई स्कूल, बिशप जॉनसन स्कूल, सेंट जोसेफ हाई स्कूल, सेंट मैरी कॉन्वेंट हाई स्कूल ।
यह भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद में आयोजित होने वाली इस तरह की कार्यशाला श्रृंखला की प्रथम कार्यशाला है, परंतु इसके लक्ष्य-दर्शक शिक्षक, अधिकारी और अभिभावक होंगे। सभी स्कूलों में से शिक्षकों और छात्र और छात्राओं सहित लगभग 100 छात्रों की भागीदारी के कारण भारी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।
यह कार्यक्रम एक विशाल सफलता थी और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद द्वारा विभिन्न लक्षित दर्शकों के साथ और अधिक संख्या में इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
विषय कवरेज और भागीदारी के संदर्भ में इस कार्यशाला को एक बड़ी सफलता माना गया था। सहभागी विभिन्न पब्लिक स्कूलों में से थे, इस कार्यशाला ने अलग परिप्रेक्ष्य के साथ इंटरनेट उपयोग, सूचना सुरक्षा मुद्दे जैसे प्रबल/सशक्त पासवर्ड प्रवर्तन, पहचान की चोरी, स्पैमिंग जैसे साइबर अपराधों, फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग आदि तरह की आवश्यकता को पूरा किया। यह प्रस्तुति वीडियो क्लिपिंग्ज़्, क्विज़, और वास्तविक समय कथाओं का समुचित उपयोग कर के बहुत ही अतर्संवादी/इंटरऍक्टिव बनाई गई थी।
विषय कवरेज और भागीदारी के संदर्भ में इस कार्यशाला को एक बड़ी सफलता माना गया था। सहभागी विभिन्न पब्लिक स्कूलों में से थे, इस कार्यशाला ने अलग परिप्रेक्ष्य के साथ इंटरनेट उपयोग, सूचना सुरक्षा मुद्दे जैसे प्रबल/सशक्त पासवर्ड प्रवर्तन, पहचान की चोरी, स्पैमिंग जैसे साइबर अपराधों, फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग आदि तरह की आवश्यकता को पूरा किया। यह प्रस्तुति वीडियो क्लिपिंग्ज़्, क्विज़, और वास्तविक समय कथाओं का समुचित उपयोग कर के बहुत ही अतर्संवादी/इंटरऍक्टिव बनाई गई थी।
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले बहुत संतुष्ट और प्रसन्न थे जिसका परिचय उन्होंने इस इस कार्यशाला में बातचीत और प्रश्नोत्तरी सत्र में उत्साह दिखाते हुए विभिन्न प्रश्नों और अच्छी प्रतिक्रिया के माध्यम से दिया जो इस कार्यशाला का एक हिस्सा था। एक राय सत्र की भी इस कार्यशाला के अंत में की व्यवस्था की गई और परिणाम बहुत उत्साहजनक मिले थे और राय सत्र के बीच प्रमुख अवलोकन यह था कि वे इस कार्यशाला का आयोजन लंबे सत्र के साथ बार-बार करना चाहते थे।
कार्यक्रम सामग्री
इस मॉड्यूल को लोगों को विभिन्न क्षेत्रों से संपर्क बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है
- सूचना सुरक्षा जागरूकता मुद्दे प्रस्तुति
- इंटरनेट समुचित उपयोग के बारे में जागरूकता लाने के लिये
पद्धति
- पॉइंट के माध्यम संरचना विकास प्रस्तुति
- संबंधित विषयों पर क्विज
- प्रैक्टिकल – उपकरणों/साधनों का चलन/उपयोग
दिनांक:
6 सितंबर 2008
बैच शक्ति:
भाग लेने के लिए सीटों की संख्या 75 थी जबकि ‘पहले आएँ पहले पाएँ’ आधार सेवा पर 88 बच्चों ने कार्यशाला में भाग लिया।
लक्षित श्रोतागण:
स्कूल के बच्चे
वितरणयोग्य:
किट में पोस्टर, ब्रोशर, माउस पैड और अध्ययन सामग्री, वीडियो क्लिप और ई-पुस्तकों की सीडी समाविष्ट है।
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