सूचना सुरक्षा पर राष्ट्रीय जागरूकता अभियान – पीईसी
सूचना सुरक्षा पर राष्ट्रीय जागरूकता अभियान
द्वारा
पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय
संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग
(कम्प्यूटर साइंस एण्ड अभियांत्रिकी विभाग)
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
द्वारा प्रायोजित
प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डॅक), हैदराबाद
द्वारा निष्पादित
विषय: पाठशाला संकाय एवं बच्चों के लिए इंटरनेट सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला
तिथि व समय: 15/10/2009, 09.00 से 01.00 बजे तक
स्थान: होटल राम इंटरनेशनल, पुड्डुचेरी
गठबंधन में समाविष्ट हैं:
- आईएसईए (ISEA) कार्यक्रम, डीआईटी, भारत सरकार
- प्रगत संगणन विकास केंद्र, हैदराबाद
पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय ने सहभागी संस्थान होने के नाते, 15 अक्टूबर 2009 को होटल राम इंटरनेशनल, पुड्डुचेरी में स्कूली बच्चों एवं शिक्षक संकाय के लिए राष्ट्रीय अभियान के रूप में राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। 40 स्कूलों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। 114 छात्रों एवं 25 कर्मचारी इस कार्यक्रम के सहभागी थे। निम्नलिखित उसी कार्यशाला की रिपोर्ट है:
श्री. एस. एलंगोवन, सहायक स्थानक अभियंता (स्टेशन इंजीनियर), ऑल इंडिया रेडियो, पुड्डुचेरी ने सम्मान संबोधन प्रस्तुत किया एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने संदेश सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट पार्लरों में इंटरनेट का उपयोग बहुत अधिक असुरक्षित है। इंटरनेट में उपलब्ध अधिकांश जानकारी अनुपयोगी मानी गई है एवं केवल एक लघु सूचना राशि ही हमारे लिए उपयोगी है। ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज एक्सपी अन्य ओएस के साथ तुलना में अधिक सुरक्षा प्रवण रहे हैं। इंटरनेट पार्लरों के कंप्यूटर सिस्टम में निजी एवं महत्वपूर्ण सूचना के भंडारण से बचें। हम अपने विभिन्न प्रयोजनों के लिए सामान्य, तीन अलग मेल आईडी का प्रयोग कर सकते हैं। इंटरनेट में उपलब्ध अधिकांश निशुल्क सामग्री हमारे स्वयं के संगणक प्रणाली में स्थापित किये जाने में खतरा है क्योंकि इसकी अधिष्ठापना रद्द करना इतना सरल नहीं है। सभी अविश्वस्त प्रणालियों में पेन ड्राइव का उपयोग करने से बचें। टोरंट (बौछार) के रूप में प्राप्त होनेवाली साइटें सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि जब हम इस साइट का उपयोग करेंगे, तब संभव है कि 10 से अधिक व्यक्ती हमारे कंप्यूटर तक पहुँच प्राप्त कर लें एवं डाटा चोरी करें। पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय के डॉ. वी. पृथ्वीराज, प्राचार्य, पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय (अभियांत्रिकी महाविद्यालय) एवं डॉ. एन. श्रीनाथ, प्राध्यापक एवं प्रमुख, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी (कम्प्यूटर साइंस एण्ड अभियांत्रिकी) विभाग ने समारोह की अध्यक्षता की। डॉ. वी. पृथ्वीराज ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने इंटरनेट के महत्व का उल्लेख किया। जानकारी का संग्रह करनेवाले एवं द्वितीय पीढी के मोबाइल फोन के हत्यारे अनुप्रयोग कहलानेवाले साधनों के बारे में छात्रों को जानकारी देने की आवश्यकता है। सुरक्षा व्यावसायिक अब वीओआइपी, मल्टी मीडिया आदि जैसी विकास सामग्री पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। स्कूलों के संगणक नेटवर्क को घुसपैठियों के वायरलेस वातावरण से संरक्षित किया जाना चाहिए। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत भविष्य में प्रौद्योगिकी का विकास बहुत ही भेद्यता अनुकूल है। अब सुरक्षा विभाग के अंतर्गत जागरूकता पैदा करने के लिए कई कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है जिससे कि सूचना सुरक्षा के छात्रों के बीच राज्य पाँडेचेरी, एक सुरक्षित वातावरण बना रहे।
श्री. ए. अमूथन, सहायक प्राध्यापक, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी (कम्प्यूटर साइंस एण्ड अभियांत्रिकी), पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं इस कार्यक्रम के समन्वयक विभाग ने पूरा कार्यक्रम तैयार किया है। पंजीकरण 09:00 पर आरंभ किया गया एवं इसके बाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री. ए. अमूथन, सहायक प्राध्यापक, सीएसई विभाग, ने इंटरनेट के लाभ, इंटरनेट पर जोखिम कारकों पर, स्पायवेयर क्या है एवं इसे कैसे दूर किया जा सकता है, पर व्याख्यान दिया। किस प्रकार सिस्टम से वायरस, वर्मस् एवं अस्थायी फ़ाइलों को हटाया जाता है। सीएसई विभाग के व्याख्याता श्री. एन. शिवकुमार ने, खोज इंजन, सॉफ्टवेयर (पैच) अपडेट, फ़िशिंग पर व्याख्यान दिया। डॉ. डी. लोकनाथन् प्राध्यापक, सीएसई विभाग ने पासवर्ड सुरक्षा पर व्याख्यान दिया।













