पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी – 10.02.2010
पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय
संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग
सूचना सुरक्षा पर राष्ट्रीय जागरूकता अभियान
सूचना सुरक्षा जागरूकता पर कार्यशाला के लिए
द्वारा प्रायोजित: सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
एवं : प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डॅक), हैदराबाद
पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी - 10.02.2010
क्या: स्कूल के विभाग एवं बच्चों के लिए इंटरनेट सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला
कब: 10.02.2010, प्रात: 09.00 से सांय 04.00 बजे तक
कहाँ: पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी
कौन: पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी गठबंधन में समाविष्ट हैं:
आईएसईए (ISEA) कार्यक्रम, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी), भारत सरकार
प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डॅक), हैदराबाद
नैसकॉम ने, जो अंतर मंत्रालयीन कार्य समूह का एक सदस्य था, कार्यरत समूह (स्रोत आईडीसी) के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें यह स्पष्ट था कि भारत में 2008 तक, 77400 सूचना सुरक्षा पेशेवरों की आवश्यकता होगी। सूचना सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता एवं महत्व को ध्यान में रखते हुए, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (आईएसईए (ISEA)) कार्यक्रम आरंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकोंको के सूचना सुरक्षा पर जागरूकता का सृजन करना। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम को पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी द्वारा कार्यान्वित किया गया है। आईआईआईटी, एनआईटी, डीओईएसीसी (DOEACC) एवं विश्वविद्यालय जैसे देश भर के लगभग 30 संस्थान इस प्रस्ताव में भाग ले रहे हैं। सी-डॅक, हैदराबाद की विशेषज्ञता के आधार पर, भारत सरकार द्वारा, इसे यह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से, सूचना सुरक्षा जागरूकता पैदा करने की राष्ट्रीय अभियान क्रियान्वित करने की अद्वितीय जिम्मेदारी दी गई थी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, पुड्डुचेरी कार्यक्रमों, कार्यशालाओं का आयोजन, स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए कर रहे हैं। 7 स्कूलों (केन्द्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, जीवनन्दम जीएचएसएस, वी.ओ.सी. जीएचएसएस, नवलार नेदुनशेज़ियान जीएचएसएस, जीएचएसएस, ओलगरेट, थान्थाई पेरियार जीजीएचएसएस) ने इस कार्यक्रम में भाग लिया है। छात्रों एवं अधिकारीगण सहित 127 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित वेबसाइट www.infosecawareness.in बनाई गई है।
श्री.बी. श्रीकांत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुड्डुचेरी ने समारोह का उद्घाटन किया। सूचना केवल अपने मूल्य की वजह से गोपनीय कही गई। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के त्वरित वृद्धि के कारण, सूचना प्रकटीकरण, विलोपन एवं इस तरह के कुछ अन्य आक्रमण संभव हो गए हैं। हानिकारक उपयोगकर्ता, इंटरनेट के माध्यम से, दुर्भावनापूर्ण कोड, वायरस फैलाते हैं, एवं हमें प्रणाली की रक्षा करने एवं उसे पुन: निर्मित करने के पद्धतियों को जानने की आवश्यकता है। आजकल क्रेडिट कार्ड के प्रतिलिपिकरण एवं बारकोड्स को क्रैक करने की संभावना हो रही हैं। साइबर अपराध में समाविष्ट अपराधी समाज एवं संस्कृति को हानि पहुँचा सकते हैं। नष्ट हुई सूचना प्राप्त करने के लिए, पुन: प्राप्ति के सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं। डॉ. वी.पृथ्वीराज, प्राचार्य, पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं डॉ.एन.श्रीनाथ, प्राध्यापक एवं प्रमुख, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय, ने समारोह की अध्यक्षता की। डॉ.वी.पृथ्वीराज ने सभा को संबोधित किया। यह स्कूल के बच्चों के लिए, सूचना सुरक्षा एवं इसकी आवशयकताओं के विषय में जानने के लिए एक उत्तम अवसर है। केरल में स्कूली बच्चे लाईनक्स के वातावरण में संगणक पर काम कर रहे हैं एवं मैं चाहता हूँ कि हमारे छात्र भी उसी का अनुसरण करें। विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। मैं चाहता हूँ कि आप सब अपने मित्रों को भी शिक्षित करें। यह इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की तीव्र वृद्धि के कारण, स्कूली बच्चों को सूचना सुरक्षा एवं इसकी जागरूकता के साथ शिक्षित करने की एक आवश्यकता है।
श्री.ए. अमूथन, सहायक प्राध्यापक, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, पाँडेचेरी अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं इस कार्यक्रम के समन्वयक ने संपूर्ण कार्यक्रम को संकलित किया। पंजीकरण प्रात: 09:00 बजे प्रारंभ किया गया जिसके बाद कार्यशाला आरंभ की गई। श्री.ए.अमूथन, प्राध्यापक सहायक, सीएसई (CSE) विभाग ने साइबर बुलींग एवं डाउनलोड पर व्याख्यान दिया। श्री.एन.शिवकुमार, व्याख्याता, सीएसई (CSE) विभाग ने इंटरनेट संचार, सामाजिक नेटवर्किंग पर व्याख्यान दिया। लिखित परीक्षा के रूप में छात्रों के लिए एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तीन छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। तदुपरांत, एक घंटे का प्रश्न सत्र रहा। प्रमाणीकरण समारोह में पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र वितरित किए गए।













