दुरुपयोग की रिपोर्ट करें
यदि आप एक साइबर अपराध के शिकार/पीडित हैं, सर्वप्रथम आपको अपराध के विवरण के साथ एक शिकायत दर्ज करनी होगी। आपकी शिकायत स्थानीय, राज्य और केंद्रीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए एक आवश्यक संसाधन है। विधि प्रवर्तक ग्राहकों की शिकायतों की समीक्षा करते हैं जिससे कि वे हैकर्स, पहचान चोरों, और घोटालाकर्ताओं के विरूध्द मामलों की रचना कर सकें। प्रचार अभियान मीडिया और एनजीओ इस जानकारी का उपयोग इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को बचावात्मक उपाय बताते हुए और प्रसार अभियानों के दौरान करते हैं।
साइबर अपराध प्रकोष्ठ भारत में
सायबर अपराध जांच सेल (CCIC) केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3 मार्च 2000 से कार्य करना शुरू कर दिया। पुलिस के अधीक्षक CCIC के प्रमुख हैं। इसके अलावा ग्यारहवाँ अध्याय, आईटी अधिनियम 2000 के अंतर्गत दंडनीय अपराध के CCIC को प्रौद्योगिकी के प्रयोग को समाविष्ट करनेवाले अन्य अपराधों की जांच करने के लिए सक्षम/अधिकृत किया गया है। भारत और अन्य पुलिस साइट्स में सायबर अपराध कक्षों के विवरण के लिए यहाँ क्लिक करें।
आपको सायबर अपराध कक्ष को कब रिपोर्ट करना चाहिए?
- वायरस से संक्रमित, एक हैकर द्वारा आक्रमण
- स्पायवेयर
- फ़िशिंग
- स्पैम
- पहचान की चोरी
- ऑनलाइन शॉपिंग जालसाज़ी
- सेवा प्रदाता
वायरस से संक्रमित, एक हैकर द्वारा आक्रमण:
यदि आपका कंप्यूटर हैक हो जाता है या एक वायरस से संक्रमित है, इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें और एक पूरी तरह से अद्यतन एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के साथ इसे स्कैन करें। तब इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) और हैकर के आईएसपी को सूचित करें, यदि आप इसे पहचान लें तो। अंत में, सायबर अपराध कक्ष में शिकायत दर्ज करें।
स्पायवेयर: यदि आपको लगता है कि आप के कंप्यूटर में स्पायवेयर है, सायबर अपराध कक्ष में शिकायत दर्ज करें।
फ़िशिंग: आपकी कंपनी, बैंक या संगठन के बारे में जानकारी फिश करनेवाले ई-मेल को संग्रहित करें। स्थानीय सायबर अपराध कक्ष को यह जानकारी अग्रेषित करें।
स्पैम: आपको लगता है कि आप के द्वारा प्राप्त ई-मेल स्पैमयुक्त हो सकता है, यह साइबर क्राइम सेल और दुर्व्यवहार डेस्क को प्रेषक के आईएसपी को अग्रेषित करें। साथ ही, यदि ई-मेल किसी संगठन या बैंक का कथित का प्रतिनिधित्व करता है तो उस व्यापार उद्यम को या बैंक या अन्य कंपनी या संगठन को वह संदेश अग्रेषित करें।
पहचान की चोरी: यदि आपकी जानकारी का दुरुपयोग किया गया है,तो अपनी पहचान की चोरी के बारे में एक रिपोर्ट फाइल करें।
ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी: यदि आप एक सौदे/लेनदेन के दौरान समस्या पाएँ, तो सीधे विक्रेता, खरीददार या वेबसाइट ऑपरेटर से उनका निवारण करवाने का प्रयास करें, यदि ऐसा करना विफल रहता है, तो आपके राज्य में सायबर अपराध कक्ष में शिकायत दर्ज करें।
सेवा प्रदाता: ITA-2000 के या अन्य कानूनों के अनुसार, सेवा प्रदाताओं का भारत स्थित कार्यालय जैसे याहू! मेल और हॉटमेल भारत में साइबर अपराधों का पता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवा प्रदाताओं के बारे में जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।















